देहरादून: उत्तराखंड की टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग के साथ बैठक के दौरान टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने के लिए समग्र मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र की दीर्घकालिक और सुनियोजित प्लानिंग की जाए, ताकि यहां पर्यटन की संभावनाओं का बेहतर उपयोग करने के साथ-साथ अनियोजित विकास पर भी रोक लगाई जा सके।
8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को मास्टर प्लान में किया जाएगा शामिल
मुख्य सचिव ने टिहरी झील के आसपास के करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करते हुए समग्र मास्टर एवं जोनल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें सरकारी और निजी दोनों तरह की भूमि को शामिल किया जाएगा।
क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय जरूरतों, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवश्यकतानुसार जोन निर्धारित किए जाएंगे।
मास्टर प्लान तैयार करने से पहले सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स से विचार-विमर्श करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली और SPA भोपाल से तकनीकी सहयोग लेने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।

वाटर स्पोर्ट्स के साथ एडवेंचर और विलेज टूरिज्म पर जोर
टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने के लिए पूरे लेक एरिया में विभिन्न पर्यटन गतिविधियों को एकीकृत रूप से विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रमुख ‘मैगनेट एरिया’ विकसित करने और फेजवाइज योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्यटकों को क्षेत्र में कम से कम एक-दो दिन या उससे अधिक समय तक ठहरने के लिए आकर्षित करने वाली गतिविधियों को विकसित किया जाएगा। इनमें:
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वाटर स्पोर्ट्स
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एडवेंचर टूरिज्म
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ट्रैकिंग
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नेचर टूरिज्म
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कल्चर टूरिज्म
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विलेज टूरिज्म
जैसी गतिविधियों को शामिल किया जाएगा।
कम जलस्तर के दौरान भी जारी रहेंगी पर्यटन गतिविधियां
मुख्य सचिव ने अप्रैल, मई और जून में जलस्तर कम रहने के दौरान भी पर्यटकों के लिए पर्याप्त गतिविधियां उपलब्ध कराने की विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा है।
वर्षभर पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए मौसम और जलस्तर के अनुसार एक्टिविटी कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही टिहरी झील क्षेत्र में नए ट्रैकिंग रूट और ट्रेल्स विकसित करने तथा आसपास के गांवों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।

गांवों को पर्यटन से जोड़कर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
टिहरी झील क्षेत्र में विलेज और कल्चरल विजिट की व्यवस्था विकसित करने की योजना है। इसके माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, खान-पान और ग्रामीण जीवन से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री के समक्ष रखा जाएगा प्रस्ताव
मुख्य सचिव ने टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की समग्र कार्ययोजना और प्रस्तावित पर्यटन गतिविधियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रेजेंटेशन को प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की योजना है।
उन्होंने अगली बैठक में टीएचडीसी के अधिकारियों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए, ताकि झील क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर समन्वित रूप से चर्चा की जा सके।
