श्रीनगर गढ़वाल। हिमालयन साहित्य एवं कला परिषद् की ओर से श्रीनगर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में प्रसिद्ध रंगकर्मी श्रीश डोभाल को स्व. भाष्करानंद मैठाणी स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया।
परिषद द्वारा हर साल साहित्य, कला और रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को यह सम्मान दिया जाता है।
समारोह में छात्र-छात्राओं को विभिन्न स्मृति छात्रवृत्तियां भी प्रदान की गईं। इसके साथ ही डॉ. ऋतु सिंह के नए काव्य संग्रह ‘चले आओ पहाड़ों पर’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में काव्य संग्रह की समीक्षा प्रस्तुत की गई और डॉ. ऋतु सिंह ने अपने काव्य पाठ से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
साहित्य समाज को जागरूक करता है
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. सुरेश चरण बहुगुणा ने कहा कि साहित्य और रंगमंच समाज को जागरूक करने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि साहित्यकारों और रंगकर्मियों को सम्मानित करने से नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने के लिए प्रेरित होती है।

उन्होंने स्व. भाष्करानंद मैठाणी की स्मृति में दिए जा रहे सम्मान और छात्रवृत्तियों की सराहना की। कहा कि ऐसे आयोजन साहित्यिक चेतना के विकास के लिए बहुत जरूरी हैं।
समारोह का संचालन कवि नीरज नैथानी ने किया। इस अवसर पर भरसार कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. एसपी सती, गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. वाईपी रैमानी, ज्ञान सिंह रावत, प्रो. सम्पूर्ण सिंह रावत, वरिष्ठ रंगकर्मी विमल बहुगुणा और संस्था के वरिष्ठ संरक्षक कृष्णा मैठाणी सहित कई साहित्यकार और शिक्षाविद मौजूद रहे।
