देहरादून। उत्तराखण्ड में ऊर्जा क्षेत्र को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में स्मार्ट मीटरिंग परियोजना को तेजी से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस महत्वाकांक्षी योजना को गति दी गई है।
यूपीसीएल द्वारा केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। इस योजना का उद्देश्य बिजली चोरी पर रोक लगाना, पारदर्शी बिलिंग सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को उनके दैनिक बिजली उपभोग की जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराना है।
परियोजना के तहत सभी श्रेणियों—घरेलू, वाणिज्यिक, औद्योगिक और सरकारी—उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। राजस्व वाले क्षेत्रों में इसे प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही, सेवा प्रदाता एजेंसियों को तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन बढ़ाने और फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्मार्ट मीटरिंग के जरिए उपभोक्ताओं को एकीकृत मोबाइल ऐप के माध्यम से रियल-टाइम बिजली खपत की जानकारी, ऑनलाइन बिल भुगतान, पारदर्शी बिलिंग और शिकायतों के त्वरित निस्तारण जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

सरकार द्वारा इस योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें। इसके साथ ही आईटी सिस्टम के एकीकरण, डेटा सुरक्षा और डेटा एनालिटिक्स के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्मार्ट मीटरिंग कार्यों को तेज करते हुए इसे उपभोक्ता हितैषी बनाया जाए। इस तकनीक से उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा, जिससे ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी और अनावश्यक खर्च में कमी आएगी।
इसके अलावा, विद्युत वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए लॉस रिडक्शन कार्यों को भी तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य में पर्याप्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर भी काम किया जा रहा है।
यूपीसीएल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी भ्रांति में न पड़ें और केंद्र सरकार के सहयोग से लागू की जा रही इस आधुनिक तकनीक का लाभ उठाएं।
