देहरादून। रविवार को आयोजित शौर्य यात्रा नगर के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के संयुक्त तत्वावधान में निकली इस यात्रा में हर आयु वर्ग और हर वर्ग के लोगों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।
रेलवे रोड से प्रारंभ होकर नगर चौक, भानियावाला और रानीपोखरी होते हुए ऋषिकेश तक पहुंची यात्रा में युवाओं का उत्साह, महिलाओं की भागीदारी और वरिष्ठजनों की उपस्थिति ने समाज की सामूहिक चेतना को मजबूत किया। मार्ग में स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
प्रभु श्री राम, बजरंगबली और दुर्गा माता की भव्य झांकियों ने लोगों को सनातन संस्कृति से जोड़ते हुए शक्ति, मर्यादा और नारी सम्मान का संदेश दिया। भजन–कीर्तन और जयघोष के बीच निकली यात्रा ने पूरे नगर को आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
वक्ताओं ने कहा कि जब समाज के सभी वर्ग एक मंच पर आते हैं, तब सामाजिक जागरूकता स्वतः सशक्त होती है। मुख्य वक्ता सुभाष जोशी ने युवाओं से संस्कारों को अपनाकर समाज को सही दिशा देने का आह्वान किया।
सामाजिक कार्यकर्ता भावना शर्मा ने कहा कि जागरूक समाज ही सुरक्षित समाज की नींव रखता है और नारी सम्मान इसमें केंद्रीय भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही सामाजिक चुनौतियों का समाधान संभव है।
शौर्य यात्रा ने यह स्पष्ट किया कि सनातन संस्कृति केवल आस्था नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली शक्ति है। यात्रा शांतिपूर्ण, अनुशासित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। अंत में आयोजकों ने प्रशासन, पुलिस और नगरवासियों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
