देहरादून। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज आंगनबाड़ी केंद्र, शंकरपुर मानसिक चिकित्सालय में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों गुलिस्ता, मेहरू निशा एवं सुषमा डोगरा तथा सहायिका शबनम को उनके सेवाभाव, समर्पण और मातृ-शिशु कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र में उपस्थित बच्चों को शिक्षण सामग्री एवं खाद्य पदार्थ भी वितरित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के प्रति समाज में सेवा, संवेदना और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित बाल विकास एवं पोषण संबंधी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना रहा।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडवोकेट गुरमेल सिंह राठौड़, जिला महामंत्री, भाजपा ओबीसी मोर्चा, देहरादून ग्रामीण ने कहा कि बच्चे की पहली शिक्षिका उसकी मां होती है, जबकि दूसरी शिक्षिका आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिका होती हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों के प्रारंभिक जीवन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और समग्र विकास के लिए भी निरंतर कार्य करती हैं।
गुरमेल सिंह राठौड़ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग—माताओं और बच्चों—तक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं को पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके परिश्रम और सेवाभाव का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है।
