देहरादून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। यात्रा के शुरुआती 44 दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या 29 लाख 85 हजार के पार पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में तीन लाख से अधिक है। रिकॉर्ड संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में जिलाधिकारी तत्काल समन्वय स्थापित कर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित कर सकें।

केदारनाथ धाम की यात्रा पर विशेष ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने पैदल मार्ग पर पर्याप्त संख्या में शेड स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश और तेज धूप से बचाव के लिए यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम बन सके।
समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष यात्रा के शुरुआती 44 दिनों में लगभग 26.34 लाख श्रद्धालु चारधाम पहुंचे थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 29.85 लाख से अधिक हो गई है। सभी चारों धामों—केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं का आगमन दर्ज किया गया है।

श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और यात्रा मार्गों पर मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और यादगार यात्रा अनुभव मिल सके।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, भरत चौधरी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा संबंधित जिलों के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यात्रा को सफल, सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।
