उत्तराखंड। उत्तरकाशी जनपद में चारधाम यात्रा 2026 का संचालन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प “सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत् संवाद” तथा जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के कुशल नेतृत्व में सफलतापूर्वक किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग से लेकर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम तक श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिनकी यात्रियों द्वारा भी सराहना की जा रही है।
यात्रा के पहले 40 दिनों के आंकड़े श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और बेहतर प्रबंधन का स्पष्ट संकेत देते हैं। वर्ष 2025 में इस अवधि के दौरान दोनों धामों में 8,18,546 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 8,57,010 पहुंच गई। यानी पिछले वर्ष की तुलना में 38,464 अधिक श्रद्धालुओं ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन किए हैं।

वहीं यात्रा के 44वें दिन तक वर्ष 2026 में कुल 9,52,841 श्रद्धालु दोनों धामों में दर्शन कर चुके हैं, जो वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में 50,937 अधिक हैं। इनमें यमुनोत्री धाम में 4,67,641 तथा गंगोत्री धाम में 4,85,200 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के मार्गदर्शन में यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा सूचना सहायता केंद्रों का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। दोनों धामों में नोडल एवं सुपर नोडल अधिकारियों की तैनाती के साथ जनपद मुख्यालय स्थित स्मार्ट कंट्रोल रूम से भी निरंतर निगरानी की जा रही है।
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि बेहतर व्यवस्थाओं और सुचारु प्रबंधन के कारण उत्तरकाशी जनपद चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और यादगार बनाने में सफल रहा है।
