देहरादून। डॉ. आशीष चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ जीएमएस रोड स्थित बल्लीवाला फ्लाईओवर से कांवली रोड होते हुए सहारनपुर चौक तक UPCL द्वारा कराए जा रहे अंडरग्राउंड केबल बिछाने के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों की धीमी प्रगति और पर्याप्त मैनपॉवर व मशीनरी की कमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए रोड कटिंग समिति की अनुमति शर्तों का पालन सुनिश्चित करने तथा पांच दिनों के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यों में लापरवाही बरतने पर UPCL के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश भी जारी किए।

निरीक्षण के दौरान कांवली रोड से सहारनपुर चौक तक विभिन्न स्थानों पर सड़क खुदाई के बाद निर्माण सामग्री और मलबा अव्यवस्थित रूप से पड़ा मिला, जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल मलबा और निर्माण सामग्री हटाने के निर्देश दिए।
डीएम ने निर्देशित किया कि कार्यस्थलों पर पर्याप्त संख्या में श्रमिकों और मशीनों की तैनाती की जाए तथा 500-500 मीटर के पैच बनाकर तेजी से कार्य करते हुए आगामी पांच दिनों के भीतर अंडरग्राउंड केबल बिछाने का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद संबंधित मार्गों को शीघ्र सड़क पुनर्स्थापन के लिए लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया जाए, ताकि मरम्मत कार्य तत्काल शुरू हो सके।

जिलाधिकारी ने UPCL को प्रतिदिन कार्य प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित कार्य युद्धस्तर पर पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पुनर्स्थापन और मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप होने चाहिए, जिससे नागरिकों को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा मिल सके।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए अनुमति प्राप्त कार्यों को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार पूरा कर सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मानसून से पहले सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और निर्धारित समयसीमा के भीतर उन्हें पूरा करना सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि यातायात और नागरिक सुविधाएं प्रभावित न हों।
