हर्षिल वैली में ऑल वेदर सड़क में  देवदार के  पेड़ों पर बांधे “रक्षा सूत्र” 

उत्तरकाशी : हर्षिल क्षेत्र में “रक्षासूत्र आंदोलन” की आवाज बुलंद होती दिखाई दे रही है। रविवार को रक्षा सूत्र आंदोलन के प्रेरक सुरेश भाई और महिला नेत्री कल्पना ठाकुर ने इस रक्षासूत्र आंदोलन में देश के अनेकों हिस्सों से लोग हर्षिल पहुंचे और  गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवदार के पेड़ों को मौजूदा सड़क से लगभग 100 मीटर की दूरी तक सघन पेड़ों पर लगाये गये निशान को देखकर लोग चौंक गये और  क्योंकि यहां पर 10-11 मीटर तक सड़क चौड़ीकरण के लिए इतनी अधिक चौड़ाई में देवदार के घने  पेड़ों को काटने का औचित्य किसी के भी समझ में नहीं आया है।
 गौरतलब है कि झाला से भैरों घाटी के बीच में ऑल वेदर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर काटे जाने वाले देवदार के असंख्य छोटे-बड़े पेड़ों को बचाने के लिए पेड़ों पर “रक्षा सूत्र” बांधे गये। इस कार्यक्रम से पहले उत्तराखंड के प्रसिद्ध किसान नेता भोपाल सिंह चौधरी ने 27 नवंबर को इंडिया हैबिटेट सेंटर में इस मुद्दे को उठाया था और उन्होंने पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए आमंत्रित किया था।
इस अवसर पर स्थानीय लोगों के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ मुरली मनोहर जोशी, पूर्व राजदूत डॉ कर्ण सिंह जी के निर्देशन पर हर्षिल के आसपास “रक्षासूत्र आंदोलन” की आवाज बुलंद होती दिखाई दी है। यहां पर पहले भी दो बार देवदार के पेड़ों को बचाने के लिए सुरेश भाई के नेतृत्व में रक्षा सूत्र आंदोलन किया गया है। जिसका नेतृत्व समय-समय पर हर्षिल की पूर्व प्रधान बसंती नेगी, सुखी गांव के पूर्व सैनिक मोहन सिंह राणा, ग्लेशियर लेडी शांति ठाकुर, पर्वतारोही डॉ० हर्षवंती बिष्ट के द्वारा रक्षा सूत्र बांधे गये हैं। प्रसिद्ध समाजसेविका राधा बहन भी 2017 में सुखी गांव पहुंची थी।
जहां सुखी गांव की महिला मंगल दल ने ऑल वेदर रोड के कारण काटे जाने वाले देवदार के पेड़ों को बचाने के लिए रक्षा सूत्र बांधे थे।  5 अगस्त 2025 को खीर गंगा, तिल गाड़, भेला गाड़, लोध गाड़, लेमचा घाट इसी से जुड़े हुए हैं। जहां पर भारी जल सैलाब ने दर्जनों जिंदगियां समाप्त कर दी है। इसके बावजूद भी देवदार के पेड़ों को बचाकर सड़क सुधारीकरण की अभी तक सरकारी मंश स्पष्ट नहीं हुई है। इस ऊंचे हिमालय क्षेत्र में जहां मजबूत और टिकाऊ सड़क की आवश्यकता है। जिसमें दो गाड़ियां आसानी से चल सके ऐसे लगभग 6 मीटर चौड़ी सड़क की मांग की जा रही हैं।
यहां पर सैकड़ो लोगों ने आकर देवदार के पेड़ों को बचाने की शपथ ले ली है। डॉ० मुरली मनोहर जोशी का संदेश भी लोगों ने इस अवसर पर सुना। उन्होंने रक्षासूत्र बांधने वाले सभी साथियों को बधाई दी और कहा कि हिमालय हमारा पिता है और भारत हमारी माता है। इसलिए माता और पिता की रक्षा के लिए और उसमें गंगा का जल प्रवाह बना रहे। इसके लिए देवदार के पेड़ों को बचाना बहुत जरूरी है। इस अवसर पर उपस्थित

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