जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था का औचक निरीक्षण, कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े निर्देश

देहरादून।
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने तथा गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह और उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि ने अमरदीप और सत्यशील गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने एजेंसियों में उपभोक्ताओं की मांग, वितरण व्यवस्था, बैकलॉग और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्राप्त की। साथ ही गैस लेने आए उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनी गईं और उनका मौके पर समाधान किया गया। अधिकारियों ने जनता से अपील की कि एलपीजी गैस की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है, इसलिए अनावश्यक घबराने की आवश्यकता नहीं है।

अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को जागरूक किया कि गैस डिलिवरी से जुड़े ओटीपी नंबर किसी भी व्यक्ति को फोन पर साझा न करें। गैस सिलेंडर की आपूर्ति केवल होम डिलिवरी के माध्यम से सुनिश्चित की जाए और एजेंसी परिसर में बड़े फ्लेक्सी के माध्यम से उपभोक्ताओं को आवश्यक जानकारी प्रदर्शित की जाए।

अमरदीप गैस एजेंसी में कुछ उपभोक्ताओं ने शिकायतें भी दर्ज कराई। उदाहरण के लिए, अरुण खरबंदा और जितेंद्र अरोड़ा ने बताया कि डिलिवरी मैन द्वारा फोन पर ओटीपी मांगा गया, लेकिन सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ। पंकज ठाकुर और रविंद्र ने भी इसी प्रकार की शिकायतें कीं। नगर मजिस्ट्रेट और उप जिलाधिकारी ने संबंधित सुपरवाइजर और डिलिवरी मैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। एजेंसी संचालकों को कड़ा निर्देश दिया गया कि ओटीपी आधारित होम डिलिवरी प्रणाली का पालन किया जाए और एजेंसी परिसर में सूचना फ्लेक्सी अनिवार्य रूप से लगाई जाए।

बैठक और अस्पतालों की स्थिति:
दून मेडिकल एवं जिला चिकित्सालय मैस में गैस की किल्लत की शिकायतों के मद्देनजर, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह और उप जिलाधिकारी सदर ने मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी और संबंधित चिकित्सकों के साथ बैठक की। बैठक में यह बताया गया कि चिकित्सालयों के पास खपत के अनुसार पर्याप्त सिलेंडर उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए, दून मेडिकल में प्रतिमाह 30 सिलेंडर, गांधी शताब्दी में 8, जिला चिकित्सालय में 8, इन्दिरेश हॉस्पिटल में 12 और चकशाह नगर ट्रेनिंग सेंटर में 8 सिलेंडर प्रतिमाह खपत होती है। बैठक में अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि आवश्यकतानुसार प्रतिदिन पर्याप्त सिलेंडर उपलब्ध रहें।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल सहित दून मेडिकल और अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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