खटीमा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को खटीमा प्रवास के दौरान शहीद हरी किशन शिक्षण संस्थान, बगुलिया में आयोजित “जन-जन की सरकार, मुख्य सेवक आपके द्वार” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में उनका फूल-मालाओं, थारू सांस्कृतिक नृत्य एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत सद्भावना सीएलएफ द्वारा संचालित ‘दीदी कैफे’ का फीता काटकर उद्घाटन भी किया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, मुफ्त राशन, उज्ज्वला योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं को जनहित में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इनसे करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, पर्यटन और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और नकल-विरोधी कानून को राज्य सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम इसी संकल्प को मजबूत करता है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि धामी सरकार जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खटीमा सहित पूरे क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया। मत्स्य, कृषि, समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं सहकारिता विभागों ने पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता, उपकरण, अनुदान और ऋण वितरण किया।
