टिहरी। राजकीय महाविद्यालय लंबगांव के प्रांगण में उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संगठन का महाधिवेशन भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन में जहां एक ओर शिक्षकों के हितों और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंतन-मनन किया गया, वहीं दूसरी ओर संगठन की नई रूपरेखा भी तय की गई। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में विधायक ने शिक्षा व्यवस्था में समानता की वकालत करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि प्रदेश में संचालित अशासकीय विद्यालयों की भूमिका भी सरकारी विद्यालयों जितनी ही अहम है, इसलिए राज्य सरकार को चाहिए कि वह राजकीय सरकारी विद्यालयों की तर्ज पर अशासकीय विद्यालयों को भी आर्थिक सहायता और आधुनिक शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराए।
विधायक नेगी ने जोर देकर कहा कि संसाधनों के अभाव में शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। यदि अशासकीय विद्यालयों को भी पर्याप्त सरकारी मदद और संसाधन मिलेंगे, तो वे भी प्रगति के पथ पर अग्रसर होंगे और वहां पढ़ने वाले छात्रों को बेहतर भविष्य मिल सकेगा। उन्होंने उपस्थित शिक्षक समुदाय को आश्वस्त किया कि वे एक जनप्रतिनिधि के रूप में शिक्षकों की हर छोटी-बड़ी समस्या के प्रति संवेदनशील हैं और उनके निराकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उनका प्रयास रहेगा कि शिक्षकों की जायज मांगों को शासन स्तर पर पुरजोर तरीके से उठाया जाए।
अधिवेशन के दूसरे सत्र में संगठन की मजबूती और सक्रियता बढ़ाने के लिए प्रतापनगर ब्लॉक की नवीन कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया। सदन की आम सहमति से विशाल रावत को अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई, जबकि नीलकंठ व्यास को महामंत्री चुना गया। इसके अलावा कार्यकारिणी में सुरेंद्र राणा को उपाध्यक्ष, बीरेंद्र राणा को कोषाध्यक्ष और राजीव पैन्यूली को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई। संगठन को अनुभवी नेतृत्व प्रदान करने के लिए सेवानिवृत प्रधानाचार्य चंदन सिंह पोखरियाल और प्रधानाचार्य शिवानंद जोशी को संरक्षक का दायित्व दिया गया है। वहीं, कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में रेणु राणा, आनंद स्वरूप व्यास, उषा रांगड, सोहन सिंह नेगी, बिजेंद्र प्रसाद, भरत सिंह गुसांई और अभिषेक पंवार का चयन किया गया।
