श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में नवजात शिशु देखभाल प्रशिक्षण आयोजित

श्रीनगर। राष्ट्रीय नवजात शिशु विज्ञान मंच (एनएनएफ) की पहल पर श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में रविवार को राष्ट्रीय नवजात शिशु देखभाल दिवस के अवसर पर बुनियादी नवजात शिशु देखभाल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवजात शिशुओं की मृत्युदर को कम करना तथा जन्म के तुरंत बाद मिलने वाली चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।

 

प्रशिक्षण में बाल रोग विभागाध्यक्ष एवं एनएनएफ के नेशनल ट्रेनर डॉ. सीएम शर्मा ने जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों को नवजात शिशुओं की प्राथमिक देखभाल, आपातकालीन उपचार, सुरक्षित प्रसव उपरांत प्रबंधन तथा नवजात शिशुओं में आने वाली जटिल परिस्थितियों से निपटने के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

 

डॉ. शर्मा ने कहा कि नवजात शिशु के जन्म के बाद का पहला मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि जन्म के तुरंत बाद कोई शिशु सांस नहीं ले पा रहा हो या रो नहीं रहा हो, तो सही समय पर उचित उपचार और देखभाल देकर उसकी जान बचाई जा सकती है। डॉ. शर्मा ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे देश में एक साथ आयोजित किया गया। कहा कि नवजात शिशु के जन्म के बाद शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी समय रहते सही उपचार देकर शिशुओं की जान बचा सकते हैं।

 

मौके पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और नवजात मृत्यु दर कम करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर सीनियर रेजिडेंट डॉ. अजय आनंद गोस्वामी सहित जूनियर रेजिडेंट डॉ. ज्योति, डॉ. सर्वजीत, डॉ. महेश, डॉ. धीरज, डॉ. दीपांशु, डॉ. जाहेद, डॉ. अभिलाषा तथा नर्सिंग अधिकारी लक्ष्मी, विनीता और राकेश मौजूद रहे।

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