श्रीनगर। विकासखण्ड खिर्सू के ग्रामीण क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध कराने वाली ढिकवालगांव पेयजल पंपिंग योजना पिछले करीब दो सप्ताह से ठप पड़ी हुई है, जिससे क्षेत्र के 78 से अधिक गांवों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। गर्मी बढ़ने के साथ लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलापूर्ति बहाल न होने से ग्रामीणों में जल संस्थान श्रीनगर के खिलाफ रोष व्याप्त है। पेयजल योजना बंद होने से बुघाणी, देवलगढ़, जलेथा, बलोड़ी, सरणा, सुमाड़ी, ढिकवालगांव, धरीगांव, खालू, चमरोड़ा, भेसकोट और उज्ज्वलपुर सहित खिर्सू क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर नलों से एक बूंद पानी तक नहीं पहुंच रहा, जबकि लोग पूरे दिन पानी आने का इंतजार करने को मजबूर हैं। पूर्व प्रधान बुघाणी प्रमोद उनियाल, देवलगढ़ निवासी दुर्गेश कुमार, ताजबर कुमार तथा सामाजिक कार्यकर्ता गब्बर सिंह भंडारी ने बताया कि विभागीय अधिकारी तकनीकी खराबी का हवाला देकर लगातार मरम्मत कार्य चलने की बात कह रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा, जिससे आम जनता को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि पेयजल संकट का सबसे अधिक असर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है। लोग दूरस्थ प्राकृतिक स्रोतों और नौलों से पानी ढोने को विवश हैं। वहीं शादी-विवाह का सीजन होने के कारण कई परिवारों को पानी के टैंकर मंगाकर काम चलाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग नियमित रूप से पानी के बिल वसूल रहा है, लेकिन बदले में लोगों को मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं हो पा रही। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं की गई तो क्षेत्रीय जनता व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी।
