नेत्र विशेषज्ञों से पर्वतीय क्षेत्रों में निःशुल्क नेत्र शिविर लगाने का किया आह्वान, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर दिया जोर
मसूरी। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शुक्रवार को मसूरी में हिमालयन नेत्र विज्ञान सोसायटी द्वारा आयोजित दो दिवसीय अल्ट्रा आईकॉन 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही अल्ट्रा आईकॉन 2026 पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आंखों के बिना जीवन का सौंदर्य और प्रगति अधूरी है। लोगों को दृष्टि प्रदान कर उन्हें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले चिकित्सकों एवं दृष्टि विशेषज्ञों की सेवा किसी पुनीत कार्य से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में तकनीक और नवाचार तेजी से विकसित हो रहे हैं। ऐसे में अल्ट्रा आईकॉन 2026 जैसे सम्मेलन नेत्र विज्ञान की आधुनिक तकनीकों, उन्नत सर्जरी पद्धतियों और नवीनतम शोध पर विचार-विमर्श के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।
युवा चिकित्सकों को मिलेगा आधुनिक तकनीकों का ज्ञान
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवा सर्जनों और चिकित्सकों को वैश्विक स्तर की चिकित्सा पद्धतियों को समझने, अपने अनुभव साझा करने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के विजन तथा स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्राथमिकता
गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी राज्यों से अलग हैं। प्रदेश के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना आज भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने हिमालयन ऑप्थैल्मोलॉजी सोसायटी और देशभर से आए नेत्र विशेषज्ञों से अपील की कि वे उत्तराखंड के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में समय-समय पर निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित करें, ताकि जरूरतमंद लोगों को बेहतर उपचार मिल सके।

गरीब और जरूरतमंदों तक पहुंचे आधुनिक उपचार
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक और शोध का वास्तविक लाभ तभी है, जब उसका फायदा समाज के अंतिम छोर पर खड़े गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। निःशुल्क नेत्र शिविरों के माध्यम से मोतियाबिंद और दृष्टि दोष जैसी समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीणों को देवभूमि में ही बेहतर एवं आधुनिक उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ऐसे सभी जनकल्याणकारी प्रयासों में चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
गणेश जोशी ने विश्वास जताया कि अल्ट्रा आईकॉन 2026 के दौरान होने वाला शोध, विचार-विमर्श और अनुभवों का आदान-प्रदान नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित होगा। साथ ही इससे उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने और दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
