चमोली। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार आम जनमानस को केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने तथा जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत मंगलवार को न्याय पंचायत किमोठ के उत्कृष्ट राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज रडुवा चांदनी खाल में बहुउद्देशीय शिविर ‘प्रशासन गांव की ओर’ का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता जिलाधिकारी गौरव कुमार ने की।
शिविर के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर पात्र लाभार्थियों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई तथा मौके पर ही आवेदन, शिकायत एवं समस्याओं का निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर सभी विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जनहित से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।
शिविर में कृषि, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, उद्योग, समाज कल्याण, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य विभाग (आयुष्मान आरोग्य शिविर), राजस्व, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, पूर्ति विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। इस दौरान वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, राशन कार्ड, आधार सेवाएं, प्रमाण पत्र, स्वरोजगार एवं आजीविका से जुड़ी योजनाओं सहित अनेक जनसमस्याओं का समाधान किया गया।
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों द्वारा 60 से अधिक समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी गईं, जिनमें से 40 समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
ग्रामीणों ने पोखरी–गोपेश्वर मोटर मार्ग में डामरीकरण एवं सेफ्टी रेलिंग, मोहनखाल मोटर मार्ग को किमोडी–चोपता मार्ग से जोड़ने, ग्राम पंचायत रडुवा में मिनी स्टेडियम निर्माण, श्मशान घाट तक सीसी मार्ग, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, ग्राम पंचायत किमोठा में गौशाला निर्माण, कचरा निस्तारण व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा हेतु फेंसिंग किए जाने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने इन सभी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जनपद के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य प्रशासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाकर समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में भाग लें और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
