रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग में बाल श्रम उन्मूलन एवं बाल संरक्षण को लेकर श्रम विभाग ने व्यापक संयुक्त रेस्क्यू एवं जनजागरूकता अभियान चलाया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल पुरोहित के निर्देशन में सुमेरपुर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा और अगस्त्यमुनि क्षेत्रों में विभिन्न दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटल-ढाबों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया गया।
अभियान का उद्देश्य बाल श्रम पर प्रभावी रोक लगाना, बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा आमजन और प्रतिष्ठान संचालकों को बाल श्रम निषेध संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक करना रहा। निरीक्षण के दौरान संचालकों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम सहित बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम न कराने और उन्हें शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करने की अपील की गई।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल पुरोहित ने कहा कि बाल श्रम समाज के लिए एक गंभीर सामाजिक चुनौती है, जिसके पूर्ण उन्मूलन के लिए प्रशासन के साथ-साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल श्रम कराया जाता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इस संयुक्त रेस्क्यू एवं जनजागरूकता अभियान में श्रम विभाग, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के अधिकारियों एवं कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी बाल श्रम के विरुद्ध ऐसे अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे, ताकि बच्चों को सुरक्षित एवं शिक्षा-समर्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
