भागवत पुराण कथा से होता है मन का शुद्धिकरण:नीलकण्ठ महाराज

गौचर/चमोली।  व्यास नीलकण्ठ महाराज के सानिध्य में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ में उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान की विभिन्न कथाओं का सार श्रीमद् भागवत मोक्ष दायिनी है। श्रीमदभागवत कथा सुनने से प्राणी को मुक्ति प्राप्त होती है। महाराज ने बताया कि इस पुराण में रस भाव की भक्ति का निरूपण भी किया गया है। कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब हम अपने जीवन व व्यवहार में धारण कर निरंतर हरि स्मरण करते हैं। अपने जीवन को आनंदमय, मंगलमय बनाकर अपना आत्म कल्याण करें। अन्यथा यह कथा केवल मनोरंजन, कानों के रस तक ही सीमित रह जाएगी।

    भागवत कथा से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और शांति व मुक्ति मिलती है। भक्ति मार्ग और उससे मिलने वाले पुण्य फल मनुष्य को धर्म, आस्था और आध्यात्मिकता से जोड़ते हैं। कथा के आयोजक सुरेन्द्र नेगी द्वारा अपने पैतृक निवास सूगी में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है ।इस देवयज्ञ में आचार्य परशुराम खाली,आचार्य बच्चीराम पुरोहित, आचार्य नीलकंठ खाली ,नरेन्द्र नेगी, बीरेंद्र नेगी, बलबीर नेगी, प्रवेन्द्र नेगी, दीपक नेगी, विनोद खत्री, हुकुम खत्री, रजनीश खत्री, ज्ञान सिंह , पान सिंह सहित सभी ग्रामीण एवं क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।

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