टिहरी। जिला चिकित्सालय बौराड़ी में मंगलवार को जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चिकित्सालय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न बजट प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें स्वास्थ्य उपकरण, फर्नीचर, कम्प्यूटर हार्डवेयर, लेखन सामग्री और वाहन संचालन आदि के मद शामिल रहे। इस दौरान जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय परिसर में स्थित आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक कार्यालयों का निरीक्षण भी किया।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, इसलिए चिकित्सालय की सभी व्यवस्थाएं सुचारू और प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने चर्चा के दौरान नई स्वास्थ्य मशीनों के प्रस्ताव खनिज न्यास को भेजने और कम्प्यूटर हार्डवेयर से संबंधित प्रस्ताव सीएसआर मद में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही आयुर्वेदिक इलाज को बढ़ावा देने के लिए सीएमओ को आयुर्वेद विभाग के साथ बैठक कर बुनियादी जांचों की सूची तैयार करने और प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजने को कहा, ताकि मरीजों को उनकी इच्छा के अनुसार सहूलियत मिल सके।
सीएमओ डॉ. श्याम विजय ने अस्पताल में कार्यरत मेडिकल स्टाफ की जानकारी प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि चिकित्सालय में सर्जन, फिजिशियन, स्त्रीरोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिस्ट दो-दो हैं, जबकि आर्थाेपेडिक सर्जन, पैथोलॉजिस्ट, ईएनटी सर्जन, वरिष्ठ दंत शल्य चिकित्सक, मनोरोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और नेत्र सर्जन एक-एक कार्यरत हैं।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान आयुर्वेदिक कार्यालय के पंचकर्म केंद्र और औषधि वितरण कक्ष का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और औषधियों की गुणवत्ता की रैंडम जांच की। वहीं होम्योपैथिक कार्यालय में उन्होंने चर्म रोग चिकित्सा कक्ष और औषधि कक्ष का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कैम्प आयोजित कर औषधि वितरण सुनिश्चित करने और मरीजों की सक्सेस स्टोरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
