जौनपुर क्षेत्र पंचायत बैठक में डीएम ने दिए विकास कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश

 

नई टिहरी। जनपद के जौनपुर विकासखंड मुख्यालय के सभागार में क्षेत्र पंचायत की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्रीय विकास और जनसमस्याओं के निस्तारण को लेकर गंभीर मंथन हुआ। क्षेत्र पंचायत प्रमुख सीता पंवार की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में जिले की जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। बैठक के दौरान सदन में विकास कार्यों की समीक्षा की गई और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। जिलाधिकारी ने सदन में मौजूद सदस्यों द्वारा उठाए गए विभिन्न क्षेत्रीय मुद्दों को अत्यंत गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर ही लिखित रूप में 80 से अधिक विकास प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो क्षेत्र की आवश्यकताओं को दर्शाते हैं।

 

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी विभाग की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि वे धरातल पर आमजन की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप लागू होनी चाहिए। उन्होंने हाल ही में आई आपदा और उससे हुए नुकसान का जिक्र करते हुए सदन को अवगत कराया कि आपदा में क्षतिग्रस्त हुई कई सड़कों की मरम्मत का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसके अलावा जो सड़कें अभी भी क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनके प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए हैं और अगले माह से इन पर धरातल पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी। बैठक में विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं का ब्योरा दिया और सदस्यों के प्रश्नों का बिंदुवार उत्तर देते हुए समाधान का भरोसा दिलाया।

सदन में स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। भरवा काटल (सत्यों क्षेत्र) में नया स्वास्थ्य केंद्र खोलने और सत्यों अस्पताल के उच्चीकरण की मांग पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आश्वस्त किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों को संस्तुति के साथ शासन को प्रेषित किया जाएगा। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों की अधिक दूरी के कारण नौनिहालों और महिलाओं को हो रही परेशानी का मुद्दा उठने पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को निर्देश दिए कि वे संबंधित गांवों का सर्वे करें और आवश्यकतानुसार दोनों स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्र खोलने का प्रस्ताव तैयार करें। इसके अतिरिक्त पशुधन अधिकारी के रिक्त पदों को भरने, आवारा पशुओं के लिए गौशाला निर्माण, उद्यान विभाग की सचल टीमों को बढ़ाने और सहकारिता समिति द्वारा खाद-बीज की समय पर आपूर्ति जैसे कृषि और पशुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।

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