देहरादून :
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार साल के कार्यकाल में राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक सूचकांकों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। विभिन्न आंकड़े राज्य की प्रगति की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं।
अर्थव्यवस्था में मजबूती
पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का सकारात्मक असर देखने को मिला है।
वर्ष 2024-25 में राज्य की जीएसडीपी बढ़कर 3,81,889 करोड़ रुपए तक पहुंच गई, जो वर्ष 2021-22 की तुलना में लगभग डेढ़ गुना वृद्धि दर्शाती है।
इसी तरह प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में यह 1,94,670 रुपए थी, जो अब बढ़कर 2,74,000 रुपए तक पहुंच गई है।
राज्य की ग्रोथ रेट वर्ष 2024-25 में 7.33 प्रतिशत रही।
गरीबी और मानव विकास में सुधार
राज्य में मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स (MPI) में भी सुधार दर्ज किया गया है।
- वर्ष 2021-22: 9.7%
- वर्ष 2024-25: 6.92%
वहीं ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स (HDI) में भी बढ़ोतरी हुई है:
- वर्ष 2021-22: 0.718
- वर्तमान: 0.722
उद्योग और रोजगार को बढ़ावा
सरकार के प्रयासों से उद्योग क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है।
- एमएसएमई इकाइयां: 59,798 से बढ़कर 79,394
- इस क्षेत्र में रोजगार: 4.56 लाख से अधिक लोगों को रोजगार
- बड़े उद्योग: 107 से बढ़कर 128
- स्टार्टअप्स: 702 से बढ़कर 1,750
साथ ही लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट बढ़कर 64.4% हो गया है।
स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं:
- शिशु मृत्यु दर: 22 से घटकर 20
- मातृ मृत्यु दर: 103 से घटकर 91
- जीवन प्रत्याशा: 71.7 वर्ष से बढ़कर 73 वर्ष
कुल मिलाकर, पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड ने आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक क्षेत्रों में संतुलित प्रगति दर्ज की है, जो राज्य को विकास की नई दिशा की ओर अग्रसर कर रही है।
