नई टिहरी। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञान भारतम मिशन” के अंतर्गत जनपद में पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद एवं विकासखंड स्तर पर समितियों के गठन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि मिशन का उद्देश्य देश की समृद्ध ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर एवं बौद्धिक विरासत के महत्वपूर्ण साक्ष्यों—जैसे प्राचीन पांडुलिपियां, ताड़पत्र एवं दुर्लभ अभिलेख—का संरक्षण करना है, ताकि इन्हें भावी पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके।
इस दौरान अधिकारियों को अवगत कराया गया कि पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से किया जाएगा, जो गूगल प्ले स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध है। यह भी स्पष्ट किया गया कि सर्वेक्षण कार्य पांडुलिपि संग्रहकर्ता या प्रभारी की सहमति से ही किया जाएगा तथा पांडुलिपि का स्वामित्व संग्रहकर्ता के पास ही सुरक्षित रहेगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में उक्त ऐप की जानकारी ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय नागरिकों तक पहुंचाएं। साथ ही ग्राम स्तर पर नोडल व्यक्तियों का चयन कर पांडुलिपियों का चिन्हांकन एवं सूची तैयार करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जनपद स्तर पर प्रत्येक 15 दिवस में सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा की जाएगी तथा प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रेषित की जाएगी, जिससे अभियान का प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सके।
बैठक में डीडीओ मो. असलम, डीटीडीओ सोबत राणा, ईओ टिहरी वासुदेव डंगवाल सहित समस्त खंड विकास अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
