देहरादून। उत्तराखंड सरकार के ग्राम्य विकास विभाग के तहत महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों द्वारा बनाए गए विशुद्ध हिमालयी उत्पादों का ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ लांचिंग के दो साल के भीतर 3.7 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री करने में सफल रहा।
ब्रांड में 50 उत्पाद शामिल हैं, जिनमें मिलेट बिस्किट, मुनस्यारी-चकराता-हर्षिल की राजमा, लाल चावल, झंगोरा, काले भट्ट, चाय, तेल, पर्सनल केयर और हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद शामिल हैं। इनकी गुणवत्ता तीन स्तरों पर जांची जाती है।
ब्रांड की बिक्री ऑफलाइन आउटलेट्स के साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स जियोमार्ट, अमेज़न, ब्लिंकिट, बिग बास्केट और वेबसाइट houseofhimalayas.com पर उपलब्ध है।
इस श्रंखला से 3,300 से अधिक महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से और 28,000 से अधिक महिलाएं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं। प्रमुख शहरों में 26 आउटलेट्स हैं, जिनमें जौलीग्रांट एयरपोर्ट का एक्सक्लूसिव स्टोर और चारधाम मार्ग पर 10 फ्लोर स्टैंडिंग यूनिट्स शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल टू ग्लोबल’ विज़न के अनुरूप, हाउस ऑफ हिमालयाज का लक्ष्य प्रामाणिक हिमालयी उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थापित करना और स्थानीय महिला उद्यमियों और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।
