देहरादून। कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त गैंडीखाता निवासी शहीद मनोज सिंह चौहान की 25वीं पुण्यतिथि पर शनिवार देर शाम ग्रामीणों और परिजनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनकी स्मृति में भव्य कैंडल मार्च निकाला गया और उनके अदम्य साहस एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया।
कारगिल युद्ध के दौरान सीमा पर देश की रक्षा करते हुए शहीद मनोज सिंह चौहान ने दुश्मनों का डटकर मुकाबला किया और वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी स्मृति में प्रत्येक वर्ष गैंडीखाता में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
शनिवार को आयोजित कैंडल मार्च में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। पूरे क्षेत्र में देशभक्ति का माहौल रहा। प्रतिभागियों ने “भारत माता की जय” और “वीर शहीद अमर रहें” के नारों के साथ शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शहीद के भाई विक्रम सिंह चौहान ने कहा कि देश के सैनिक अपने प्राणों की परवाह किए बिना सीमाओं की रक्षा करते हैं और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटते। उन्होंने युवाओं से शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की भावना को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद मनोज सिंह चौहान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
