देहरादून। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए उत्तराखंड में गैस एवं ईंधन की आपूर्ति की समीक्षा हेतु मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस प्रशासन, जिलाधिकारियों तथा ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति फिलहाल सामान्य बनी हुई है। ऑयल कंपनियों के नोडल अधिकारी द्वारा बताया गया कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कुछ जिलों में अपेक्षाकृत कम पाई गई, जिस पर जिलाधिकारियों ने आपूर्ति बढ़ाने की मांग की।
मुख्य सचिव ने ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित नई एसओपी के अनुसार व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। वहीं, पेट्रोल और डीजल के पर्याप्त स्टॉक की पुष्टि करते हुए अधिकारियों ने बताया कि किसी प्रकार की कमी नहीं है।
कृषि विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता बनी हुई है। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को उर्वरकों के निर्धारित सीमा में वितरण सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के निर्देश दिए।
आगामी 19 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को देखते हुए गैस आपूर्ति पर विशेष चर्चा की गई। पर्वतीय जिलों—रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी और पौड़ी—के अधिकारियों ने व्यावसायिक गैस की अतिरिक्त मांग की आवश्यकता जताई। इस पर मुख्य सचिव ने भारत सरकार को अतिरिक्त मांग भेजने तथा यात्रा मार्गों पर पिछले वर्ष की तुलना में अधिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में गैस के वैकल्पिक स्रोतों जैसे सोलर ऊर्जा, बायोफ्यूल, इंडक्शन और पिरूल (ब्रिकेट्स) के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
पीएनजी (पाइप्ड नैचुरल गैस) के विस्तार को लेकर बताया गया कि राज्य के सभी जनपदों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के लिए एनओसी मिल चुकी है और कार्य तेजी से जारी है। मुख्य सचिव ने इस कार्य की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए।
इसके अलावा, पुलिस विभाग को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने तथा गैस और उर्वरकों की तस्करी रोकने के निर्देश दिए गए। साथ ही, खाड़ी देशों में रह रहे उत्तराखंड के प्रवासियों की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने पर भी विचार किया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शादी समारोहों के लिए दो अस्थायी व्यावसायिक गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने गैस और ईंधन की सप्लाई चेन की लगातार निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए।
