रुद्रप्रयाग।
केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड गांव में ग्रामीण महिलाओं ने सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शादी समारोह सहित सभी धार्मिक व सामाजिक आयोजनों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में महिला मंगलदल अध्यक्ष माहेश्वरी देवी की अध्यक्षता में एक खुली बैठक आयोजित की गई।
बैठक में महिलाओं ने गौरीकुंड क्षेत्र में बढ़ते शराब के प्रचलन पर गहरी चिंता व्यक्त की। सर्वसम्मति से तय किया गया कि गांव में आयोजित होने वाले शादी, मुंडन, जन्मदिन तथा अन्य धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में शराब परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई परिवार इस निर्णय का उल्लंघन करता है तो उस पर 51,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही गांव की महिलाएं ऐसे आयोजनों में शामिल नहीं होंगी।
महिला मंगलदल अध्यक्ष माहेश्वरी देवी ने कहा कि गांव में शराब का बढ़ता चलन सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर रहा है और आने वाली पीढ़ी पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है। इसी को देखते हुए महिलाओं ने यह कड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों का पालन न करने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
वहीं, व्यापार संघ अध्यक्ष रामचंद्र गोस्वामी ने मातृशक्ति की इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि गौरीकुंड जैसे पवित्र स्थल की गरिमा बनाए रखने के लिए यह निर्णय आवश्यक है और समाज के सभी वर्गों को इसका पालन करना चाहिए। बैठक में राजेश्वरी देवी, कमला देवी, रजनी देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और युवा उपस्थित रहे।
