नई टिहरी। टीएचडीसी इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रो पावर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, भागीरथीपुरम के उद्यमिता सेल की ओर से बुधवार को स्वरोजगार और उद्यमिता विकास विषय पर प्रभावशाली विशेषज्ञ वार्ता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को नवाचार की शक्ति, डिजिटल क्षेत्र में करियर की संभावनाओं और स्टार्टअप जगत में सफलता के लिए जरूरी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रो. एस.के. प्रधान ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने की दिशा में ठोस कदम उठाना ही उद्यमिता की वास्तविक भावना है। उन्होंने छात्रों को आत्मनिर्भरता और नवाचार के महत्व पर जोर दिया। फैकल्टी कोऑर्डिनेटर एवं डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. रमना त्रिपाठी ने स्किल डेवलपमेंट की अवधारणा को समझाते हुए छात्रों को इसे व्यवहारिक जीवन में अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में आयुषी और उनकी टीम ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्साह का माहौल बना दिया।
विशेषज्ञ सत्र में स्पाइडर्स के संस्थापक गौरव भट्ट, कलर्ड-काऊ के संस्थापक प्रतीक नारंग और गो-हेम्प के संस्थापक गौरव दीक्षित ने छात्रों को अपने अनुभवों से रूबरू कराया। गौरव भट्ट ने विद्यार्थियों को नवाचार की शक्ति और डिजिटल क्षेत्र में करियर बनाने के अवसरों पर जानकारी दी। उन्होंने स्पाइडर्स डेवलप क्लब की स्थापना और छात्रों को दिए गए मार्गदर्शन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी का संयोजन विद्यार्थी जीवन को नई दिशा देता है।
प्रतीक नारंग ने महामारी, वैश्विक मंदी और बाजार के उतार-चढ़ाव के दौर में नवाचार और लचीलेपन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सफलता पाने और बदलाव लाने के लिए नए विचारों को अपनाना बेहद जरूरी है। वहीं, गौरव दीक्षित ने आर्किटेक्ट से उद्यमी बनने की अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा की। उन्होंने हिमालयी गांव में हेम्प से बने घरों के प्रोजेक्ट पर काम करने के अनुभव बताते हुए कहा कि इको-फ्रेंडली होम स्टे बनाना न केवल उद्यमिता का उदाहरण है, बल्कि समाज और पर्यावरण के लिए भी प्रेरणादायक कार्य है। बता दें कि गौरव दीक्षित को 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनके नवाचार के लिए सम्मानित किया गया था।
