देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम एवं आपदा परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव, कार्यालयों की स्वच्छता, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यालयों में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आने वाले लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनकी शिकायतों एवं प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक फरियादी को त्वरित राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने विभिन्न शाखाओं में पत्रावलियों एवं अभिलेखों के रखरखाव की स्थिति का अवलोकन किया और निर्देश दिए कि सभी फाइलों एवं दस्तावेजों को सुव्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अभिलेख तुरंत उपलब्ध हो सकें। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा अनावश्यक विलंब से बचने के भी निर्देश दिए।
रिकॉर्ड रूम के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखों के डिजिटलीकरण एवं सुरक्षित संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि रिकॉर्ड का वर्गीकरण व्यवस्थित ढंग से किया जाए, जिससे आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध हो सकें।

कार्यालयों की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए डीएम ने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्यालय बेहतर कार्यसंस्कृति के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने और कार्यालय परिसरों को सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आपदा परिचालन केंद्र का भी निरीक्षण किया और जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों, भूस्खलन एवं अतिवृष्टि प्रभावित इलाकों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्गम एवं संवेदनशील क्षेत्रों की अद्यतन सूची तैयार रखी जाए तथा वहां उपलब्ध संचार व्यवस्था, वैकल्पिक मार्गों एवं राहत व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए।

उन्होंने कहा कि मानसून और संभावित आपदाओं को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण सतर्कता बनाए रखें। साथ ही आपदा परिचालन केंद्र में तैनात कर्मचारियों को सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान एवं राहत-बचाव कार्यों के समयबद्ध संचालन के निर्देश भी दिए गए।
