उद्योग क्षेत्र विकास का गेम चेंजर, समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो: जिलाधिकारी

देहरादून।  जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग मित्रों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास रोजगार सृजन, निवेश वृद्धि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबे समय से लंबित औद्योगिक समस्याओं को “मिसिंग लिंक” के रूप में चिह्नित कर पुनः शासन को भेजा जाए, ताकि उनके समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

बैठक में सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में निर्माणाधीन 220 केवी विद्युत स्टेशन की प्रगति की समीक्षा की गई। यूपीसीएल अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी दो से तीन दिनों में विद्युत स्टेशन पूर्ण रूप से संचालित हो जाएगा। जिलाधिकारी ने परियोजना को निर्धारित समयसीमा में शुरू करने के निर्देश दिए।

औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत शटडाउन की समस्या पर जिलाधिकारी ने उद्योगपतियों और यूपीसीएल अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि शटडाउन का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम तय किया जा सके और उत्पादन गतिविधियां प्रभावित न हों। उन्होंने उद्योगों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के भी निर्देश दिए। स्मार्ट मीटरों में रीडिंग जंप होने के कारण बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतों पर भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मोहब्बेवाला औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या पर जिलाधिकारी ने पुलिस एवं नगर निगम अधिकारियों को नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बाद पुनः अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाए।

बैठक में औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों के कौशल विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने कर्मचारियों का ऑनलाइन पंजीकरण कराकर उन्हें कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए।

औद्योगिक भूमि के दुरुपयोग के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन भूखंडों का आवंटन उद्योग स्थापना के लिए किया गया है, लेकिन वहां उद्योग स्थापित नहीं किए गए हैं या अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, उनकी जांच की जाएगी। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी को विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित मामलों की विस्तृत रिपोर्ट चार दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है।

बैठक में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा औद्योगिक विकास को गति देने के लिए समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *