नई टिहरी। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर में हिंदी विभाग और स्थानीय भाषा प्रकोष्ठ के संयुक्त आयोजन में लोक भाषाओं और बोलियों पर विशेष परिचर्चा आयोजित की गई।
महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. प्रणिता नंद ने कहा कि मातृभाषाओं और लोक बोलियों का संरक्षण तभी संभव है जब हम उन्हें दैनिक जीवन में प्रयोग करें। कार्यक्रम में डॉ. जितेंद्र नौटियाल सहित उत्तराखंड के विभिन्न अंचलों की पट्टियों के प्रतिनिधियों ने ठेठ बोलियों में अपने विचार साझा किए।
प्रतिभागियों ने विलुप्तप्राय शब्दों का प्रयोग करते हुए संकल्प लिया कि वे अपनी मातृभाषाओं को नियमित प्रयोग में लाकर आने वाली पीढ़ी तक अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पहुंचाएंगे।
