रुद्रप्रयाग। केदारघाटी के दुर्गम धार्मिक स्थल कालीशिला में दर्शन के दौरान गुजरात से आए एक श्रद्धालु की अचानक हृदयाघात से मृत्यु हो गई। घटना के बाद जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयास से राहत एवं बचाव अभियान चलाकर हेलीकॉप्टर की मदद से पार्थिव शरीर को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार, गुजरात से आए श्रद्धालुओं के दल के साथ कालीशिला पहुंचे डॉ. परबत कंडोलिया की दर्शन के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन हृदयाघात के कारण उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना हिमालयन कम्फर्ट नाला के प्रबंधक शिवम जोशी ने कालीमठ वार्ड की जिला पंचायत सदस्य सरोज राणा को दी।

सूचना मिलते ही सरोज राणा ने जिला प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर तत्काल राहत एवं रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। उन्होंने राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट और केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल को भी घटना की जानकारी देकर आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया।
दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं को भी राहत अभियान में शामिल किया गया। जग्गी बगवान और ब्यूंखी गांव के युवाओं ने बिना विलंब कालीशिला पहुंचकर प्रशासन के साथ बचाव कार्य में सहयोग किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की, जिसके माध्यम से श्रद्धालु के पार्थिव शरीर को कालीशिला से निकालकर आगे की कानूनी एवं चिकित्सीय प्रक्रिया के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया।
जिला पंचायत सदस्य सरोज राणा ने त्वरित कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, स्थानीय ग्रामीणों, स्वयंसेवकों और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालु की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। साथ ही कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में इस प्रकार की आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
