गौचर। चमोली जिले के पोखरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा बमोथ के ग्रामीणों ने अशासकीय सहायता प्राप्त जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बमोथ का राजकीयकरण और उच्चीकरण नहीं होने पर आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। इस संबंध में ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया।
पंचायत भवन बमोथ में ग्राम प्रधान श्रीमती रूचि देवी ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने गांव की लगातार उपेक्षा पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गांववासियों ने वर्ष 1977 में बच्चों की शिक्षा के लिए जूनियर हाईस्कूल की स्थापना की थी, जिसे वर्ष 1999 में हाईस्कूल स्तर पर उच्चीकृत किया गया। इसके बावजूद 26 वर्ष बीत जाने के बाद भी विद्यालय का राजकीयकरण और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर उच्चीकरण नहीं हो पाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत और क्षेत्र की जनता लंबे समय से शासन, प्रशासन और शिक्षा विभाग से विद्यालय के प्रांतीयकरण (राजकीयकरण) और उच्चीकरण की मांग कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते विद्यालय और यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राएं सरकारी विद्यालयों में मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं से वंचित हैं।
बैठक में ग्रामीणों ने बमोथ से जलेश्वर महादेव तक प्रस्तावित मोटर मार्ग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि करीब 12 वर्ष पहले इस सड़क को कर्णप्रयाग से जोड़ने के लिए स्वीकृति मिली थी और वन विभाग ने मार्ग में आने वाले पेड़ों का कटान भी कर दिया था, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि विद्यालय और मोटर मार्ग के संबंध में जल्द ही एक शिष्टमंडल प्रशासन से वार्ता कर समस्याओं के समाधान की मांग करेगा। यदि इसके बावजूद वर्षों से लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ तो ग्राम सभा आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने के लिए बाध्य होगी।
बैठक में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रीतम ठाकुर, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रदीप लखेड़ा, विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रबंधक संजय लखेड़ा, पूर्व प्रबंधक मदन मोहन भट्ट सहित युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
