नई टिहरी। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं के स्थाई समाधान और क्षेत्र के विकास को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में मंगलवार को कीर्तिनगर स्थित एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी की मौजूदगी में संपन्न हुई इस बैठक में रेलवे अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया गया। बैठक का मुख्य केंद्र प्रभावित गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास और लंबित मुआवजा प्रकरणों का निस्तारण रहा।
बैठक में ग्रामीणों द्वारा नैथाणा में खेल मैदान बनाने की पुरानी मांग को प्रमुखता से उठाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए युवा कल्याण विभाग को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने विभाग को आदेश दिया कि अगले 15 दिनों के भीतर मानकों के अनुरूप खेल मैदान की संशोधित डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर प्रस्तुत की जाए, ताकि युवाओं को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। इसके अलावा, रानीहाट में रेलवे ट्रैक पर हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए फुट ओवर ब्रिज के निर्माण पर भी चर्चा हुई। इस संवेदनशील मामले में जिलाधिकारी ने ग्रामीणों और संबंधित अधिकारियों को संयुक्त रूप से मौका मुआयना करने और नक्शे की जांच कर मात्र तीन दिनों के भीतर तकनीकी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं, ताकि पुल निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
प्रतिकर (मुआवजा) वितरण में आ रही विसंगतियों को दूर करने के लिए भी प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को गांव-वार रिपोर्ट तैयार करने और सागर स्टोन क्रशर से संबंधित मुआवजा प्रकरण में सह-खातेदारों की स्थिति स्पष्ट करते हुए रिपोर्ट देने को कहा। बैठक में सुरक्षा और जनसुविधाओं से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी सहमति बनी। इसमें नैथाणा, देवली और रानीहाट में रेलवे ट्रैक के किनारे सुरक्षा दीवार और तारबाड़ लगाने, नैथाणा शमशान घाट के लिए रास्ता बनाने और परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में पालतू पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश आरवीएनएल के अधिकारियों को दिए गए।
