Dehradun: जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट में सीएम हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनसामान्य की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
36 से 180 दिन तक लंबित शिकायतों पर दो दिन में रिपोर्ट
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने 36 से 180 दिन तक लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी सभी शिकायतों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
डीएम ने कहा कि शिकायत का निस्तारण केवल पोर्टल पर स्टेटस अपडेट करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान होना जरूरी है। उन्होंने 36 से 180 दिन तक लंबित तथा फोर्स क्लोज की जा रही शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए।
फोर्स क्लोज शिकायतों पर प्रमाण पत्र जरूरी
जिलाधिकारी ने फोर्स क्लोज की जा रही शिकायतों को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ऐसी शिकायत के संबंध में संबंधित विभाग को प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसमें शिकायत के निस्तारण की वास्तविक स्थिति और की गई कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिना उचित कार्रवाई और ठोस आधार के किसी भी शिकायत को बंद न किया जाए। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करने के बाद ही शिकायत का निस्तारण किया जाए।

2025 से लंबित मुख्यमंत्री घोषणाओं पर नोटिस
बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की विभागवार प्रगति की भी समीक्षा की। वर्ष 2025 से लंबित मुख्यमंत्री घोषणाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित घोषणाओं से जुड़े कार्यों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना और समयसीमा निर्धारित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। निर्धारित समयसीमा में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
जनहित के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री घोषणाओं से जुड़े मामलों में अंतरविभागीय समन्वय के साथ काम करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
