देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम (NCAP) की संचालन समिति की सातवीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर की वायु गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने तीनों शहरों में वायु गुणवत्ता की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएम-10 और पीएम-2.5 के स्तर में कमी लाने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित प्रयास करें।
पीएम-10 को कम करने के लिए उन्होंने सड़कों की स्थिति में सुधार, धूल नियंत्रण, सड़कों के पक्कीकरण और फुटपाथ निर्माण पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही, डेमोलिशन वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने, स्थानीय निकायों द्वारा निस्तारण स्थल चिन्हित करने तथा आमजन को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए। सड़कों पर पड़े निर्माण सामग्री को हटाने के लिए भी सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।
पीएम-2.5 में कमी लाने के लिए मुख्य सचिव ने वाहनों और औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण तथा प्रदूषण संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकता अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) में मानव संसाधन बढ़ाने तथा यातायात जाम कम करने के लिए चौराहों के सुधारीकरण कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव ने काशीपुर में पीएम-2.5 के स्तर में आए सुधार के कारणों का विश्लेषण कर वहां के सफल उपायों को अन्य शहरों में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने वायु गुणवत्ता सुधार कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने पर भी बल दिया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम के अंतर्गत वार्षिक कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने भीड़भाड़ वाले स्थानों पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्डों के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण संबंधी संदेश प्रदर्शित करने तथा स्मार्ट सिटी के अंतर्गत स्थापित सभी डिस्प्ले बोर्डों को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए।
