रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को रुद्रप्रयाग के विकासखंड अगस्त्यमुनि के ग्राम बीरों देवल में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में सम्मिलित हुए। उन्होंने मंदिर में महायज्ञ में भाग लिया और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
मंदिर और तहसील के लिए घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने मां चंडिका मंदिर प्रांगण एवं मंदिर समूह का पुरातत्व विभाग के माध्यम से पुनर्निर्माण कराने की और तहसील बसुकेदार में नवीन तहसील भवन निर्माण की घोषणा की।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल को धार्मिक एवं आध्यात्मिक संगम का प्रतीक बताया और कहा कि 20 वर्षों के बाद आयोजित यह महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक है। उन्होंने सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में जनसहभागिता को उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान बताया।

उत्तराखंड के विकास और सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा-निरोधक प्रावधान और भूमि अतिक्रमण हटाने जैसे कदमों का उल्लेख करते हुए प्रदेश की पवित्रता की रक्षा का प्रयास बताया।
यात्रा का विवरण
मां चंडिका की दिवारा यात्रा 21 नवंबर 2025 से लगभग 26 गांवों में चली। बीरों देवल में 15 फरवरी से 9 दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया गया। 22 फरवरी 2026 को विशाल जलयात्रा और 24 फरवरी 2026 को पूर्णाहुति के साथ यह महावन्याथ यात्रा सम्पन्न होगी।
प्रमुख उपस्थित लोग
इस अवसर पर विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, उपाध्यक्ष रितु नेगी, ब्लॉक प्रमुख अगस्त्यमुनि भुवनेश्वरी देवी, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, महायज्ञ समिति अध्यक्ष डॉ. आशुतोष भंडारी, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


