सांस्कृतिक रंगों में सराबोर हुआ वार्षिकोत्सव, धराली आपदा के मंचन ने नम की आंखें

 

नई टिहरी। न्यू टिहरी इंटरनेशनल स्कूल पैन्यूला (एनटीआईएस) और दून किंडरगार्टन बौराडी (डीकेजी) पब्लिक स्कूल का वार्षिक उत्सव रविवार को हर्षाेल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यालय के नौनिहालों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षण केंद्र धराली की प्राकृतिक आपदा पर आधारित एक भावपूर्ण नाटिका रही, जिसके जीवंत मंचन ने दर्शकों के दिलों को गहराई तक छू लिया। छात्रों के उत्कृष्ट अभिनय और संवेदनाओं से परिपूर्ण इस प्रस्तुति को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं और पूरा वातावरण भाव-विभोर हो उठा। इस दौरान शैक्षणिक सत्र में बोर्ड परीक्षाओं सहित अन्य पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

बौराड़ी स्टेडियम में आयोजित इस भव्य समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, पूर्व प्रमुख सुनीता देवी और संस्थान की निदेशक शालिनी जौली ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में नगर पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि यह शिक्षण संस्थान न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगा रहा है, बल्कि शहर से हो रहे पलायन को रोकने में भी महती भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उपस्थित लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि टिहरी को एक स्वच्छ, सुंदर और आदर्श पर्यटन नगर के रूप में विकसित करने के लिए हम सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत ने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापरक और तकनीकी शिक्षा ही छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है, और यह विद्यालय इस दिशा में निरंतर बेहतरीन कार्य कर रहा है।

विद्यालय की निदेशक शालिनी जॉली, प्रबंधक सुयश धनराज और प्रधानाचार्य प्रवीन भट्ट ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की वार्षिक प्रगति आख्या प्रस्तुत की और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्यालय के छात्र न केवल बोर्ड परीक्षाओं में कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं, बल्कि खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी लगातार श्रेष्ठता साबित कर रहे हैं। मंच पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भी अपनी मासूमियत और कला का जादू बिखेरा। नर्सरी और एलकेजी के छात्रों ने बॉलीवुड गीतों और श्वन्स अगेनश् जैसी थीम पर थिरकते हुए दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जल संरक्षण, नदी बचाओ अभियान और आपदा प्रबंधन जैसे गंभीर विषयों को भी मंच पर बहुत ही प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसने समाज को जागरूक करने का कार्य किया।

समारोह में गढ़वाल की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। पारंपरिक गढ़वाली और जौनसारी नृत्यों की प्रस्तुति पर दर्शक झूमने को मजबूर हो गए और पूरा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान श्ड्रीम्सश् शीर्षक से प्रस्तुत एक विशेष कार्यक्रम ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना की यादों को ताजा करते हुए दर्शकों की संवेदनाओं को झकझोर दिया। वहीं, कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रसिद्ध लोकगाथा श्जीतू बगड़वालश् नृत्य नाटिका ने पहाड़ की लोक परंपराओं को जीवंत कर दिया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने बेहद सराहा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।

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