कीर्तिनगर: विकासखंड कीर्तिनगर के पट्टी बड़ियारगढ़ क्षेत्र में मोटर मार्गों के निर्माण को लेकर वर्षों से लंबित मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। शुक्रवार को ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) कीर्तिनगर कार्यालय पहुंचकर तालाबंदी कर दी और जोरदार प्रदर्शन किया।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य डॉ. प्रताप भंडारी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने PWD कार्यालय में तालाबंदी करने के बाद कीर्तिनगर मुख्य बाजार से तहसील तक आक्रोश रैली निकाली। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया और धरना-प्रदर्शन भी किया।
ग्रामीणों का कहना है कि नौडा-चौनी-धौलियाणा से तेगड़ मोटर मार्ग, छेम से खल्याणी मोटर मार्ग और धौडगी से धबधार मोटर मार्ग के निर्माण को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इन सड़कों को वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है। कई बार सर्वे होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सड़क सुविधा न होने के कारण उन्हें कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, जिससे बुजुर्गों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रसव पीड़ा के दौरान एक महिला को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही जंगल में बच्चे को जन्म देना पड़ा।
डॉ. प्रताप भंडारी ने कहा कि वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा नौडा-चौनी-धौलियाणा-तेगड़ मोटर मार्ग की घोषणा किए जाने के बावजूद अब तक इसे वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है। अन्य प्रस्तावित सड़कों की फाइलें भी वर्षों से लंबित पड़ी हैं।
ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए उपजिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। भंडारी ने बताया कि मोटर मार्गों से संबंधित समस्याओं पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़कों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
