नई टिहरी। समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के बीच एक परिवार ने अपनी बेटी का विवाह पूरी तरह मांस और मदिरा मुक्त वातावरण में संपन्न कराकर सराहनीय पहल की है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रंजन भंडारी और संगीता भंडारी ने अपनी पुत्री आंचल भंडारी का विवाह सादगी और पारंपरिक मर्यादाओं के साथ संपन्न कराया, जिसने समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
आंचल का विवाह चंबा के दियाल गांव निवासी राजवीर सिंह रावत और गीता देवी के पुत्र विवेक रावत के साथ वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ। विवाह समारोह में दिखावे और नशे से दूरी रखते हुए भारतीय संस्कारों को प्राथमिकता दी गई, जिसकी उपस्थित जनसमुदाय ने सराहना की।
वधू पक्ष मूल रूप से प्रतापनगर के पड़िया गांव का निवासी है और वर्तमान में परिवार बौराड़ी, नई टिहरी में रह रहा है।
“शराब नहीं, संस्कार” का संदेश
इस अवसर पर “शराब नहीं, संस्कार” मुहिम के संयोजक सुशील बहुगुणा और उनकी टीम भी मौजूद रही। उन्होंने नशामुक्त विवाह का संदेश देने के लिए नववधू आंचल को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विवाह जैसे पवित्र संस्कार में नशे के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। वर्तमान समय में समाज को अपनी पारंपरिक, संस्कारयुक्त और सादगीपूर्ण परंपराओं की ओर लौटने की आवश्यकता है।
इस पहल को क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।
