नई टिहरी। जनपद में प्राकृतिक संपदा की चोरी और अवैध खनन के काले कारोबार पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुपालन में कीर्तिनगर तहसील प्रशासन ने खनन माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए एक विशेष और औचक अभियान चलाया। इसी कड़ी में उप जिलाधिकारी कीर्तिनगर मंजू राजपूत के नेतृत्व में गठित राजस्व विभाग की टीम ने शनिवार की सुबह तड़के ही मोर्चा संभाल लिया और खनन माफियाओं को संभलने का मौका तक नहीं दिया। टीम ने सुबह सात बजे से ही चौरास क्षेत्र के विभिन्न संदिग्ध स्थानों और मार्गों पर नाकेबंदी कर वाहनों की सघन चेकिंग शुरू कर दी, जिससे अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया।
इस विशेष जांच अभियान के दौरान राजस्व विभाग की टीम ने रेत और पत्थरों से भरे वाहनों की बारीकी से जांच की। मौके पर कार्रवाई करते हुए टीम ने दो पिकअप, एक छोटा हाथी और एक छह टायर वाले डंपर को अवैध रूप से खनन सामग्री का परिवहन करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। जब वाहन चालकों से खनन और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी अनुमति पत्र दिखाने में असमर्थ रहे। नियमों का खुला उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इन सभी वाहनों के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्यवाही अमल में लाई। इस त्वरित और कठोर कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि क्षेत्र में अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छापेमारी के दौरान प्रशासन की नजर केवल बड़े वाहनों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि नदी तटों से अवैध रूप से रेता, बजरी और पत्थरों की ढुलाई में लगे घोड़ा-खच्चर संचालकों पर भी शिकंजा कसा गया।
टीम ने मौके पर मौजूद ऐसे मालिकों को सख्त चेतावनी दी कि वे भविष्य में अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त न हों, अन्यथा उनके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान की सफलता में राजस्व निरीक्षक कीर्तिनगर राय सिंह गुसाईं, राजस्व निरीक्षक चौरास जगदीश प्रसाद गैरोला, राजस्व उप निरीक्षक किलकिलेश्वर सुशील चौहान और राजस्व उप निरीक्षक मलेथा अजय सजवान ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन की इस निरंतर निगरानी और कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध खनन करने वालों के हौसले पस्त नजर आ रहे हैं।
