कांवड़ मेले से पहले बड़ी सौगात: वर्षों से अधूरा वैकल्पिक मार्ग अंतिम चरण में, यातायात होगा सुगम

 

हरिद्वार। आगामी कांवड़ मेले से पहले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। वर्ष 2021 के कुंभ मेले के दौरान शुरू की गई श्री यंत्र मंदिर-बैरागी कैंप-ओम पुल वैकल्पिक सड़क परियोजना का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। लंबे समय से अधूरा पड़ा यह मार्ग अगले कुछ दिनों में पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है, जिससे कांवड़ मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी।

 

कुंभ विकास कार्यों के तहत श्री यंत्र मंदिर से बैरागी कैंप होते हुए ओम पुल के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग तक वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कराया गया था। परियोजना के तहत करीब 10-10 करोड़ रुपये की लागत से दो बॉक्स सेतु बनाए गए, जबकि सड़क निर्माण पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च किए गए। करीब 32 करोड़ रुपये की इस परियोजना का लगभग 800 मीटर हिस्सा वन भूमि से जुड़े विवाद के कारण वर्षों तक अधूरा पड़ा रहा।

 

वन विभाग की आपत्तियों के चलते निर्माण कार्य रुक गया था, जिससे बैरागी कैंप क्षेत्र में भारी वाहनों और स्थानीय लोगों को लंबे समय तक आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खराब सड़क के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती थी।

 

मेला अधिकारी सोनिका के प्रयासों और विभिन्न विभागों के समन्वय से अब इस बाधा का समाधान हो गया है। अधूरे हिस्से का लगभग 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी अगले दो-चार दिनों में पूरा होने की संभावना है।

 

अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि परियोजना में कई तकनीकी और विभागीय अड़चनें थीं, जिन्हें आपसी समन्वय और सहमति से दूर किया गया। उन्होंने कहा कि मार्ग तैयार होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

 

नगर निगम हरिद्वार के पार्षद सचिन अग्रवाल ने सड़क निर्माण कार्य पूरा होने पर मेला अधिकारी सोनिका का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के करीब 10 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही कांवड़ मेला और भविष्य के महाकुंभ में यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी।

 

स्थानीय निवासी शिवानी सिंह ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण रोजाना लोगों को परेशानी उठानी पड़ती थी और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। उन्होंने कहा कि सड़क बनने से न केवल आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि क्षेत्रवासियों को स्थायी राहत भी मिलेगी।

 

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