Your Website Description

तुंगनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, यात्रा सीजन में 1.97 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

563 श्रद्धालु बने कपाट बंद होने के ऐतिहासिक पल के साक्षी, 8 नवंबर को मक्कूमठ पहुंचेगी उत्सव डोली; 9 नवंबर से शुरू होगी शीतकालीन पूजा

रुद्रप्रयाग। पंचकेदारों में तृतीय केदार और विश्व के सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित शिव मंदिरों में शामिल भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के पावन अवसर पर 563 श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। इस वर्ष तुंगनाथ धाम में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड आवाजाही रही। पूरे यात्रा सीजन में कुल 1,97,424 तीर्थयात्रियों ने भगवान तुंगनाथ के दर्शन किए।

कपाट बंद होने से पूर्व ब्रह्म बेला में विद्वान आचार्यों ने भगवान तुंगनाथ का महाभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना एवं आरती संपन्न की। मठापति मुकेश मैठाणी की मौजूदगी में भगवान के स्वयंभू शिवलिंग को ब्रह्मकमल, भस्म, चंदन, पुष्प और अक्षत सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से समाधि दी गई। इसके साथ ही भगवान तुंगनाथ जगत कल्याण के लिए शीतकालीन तपस्या में लीन हो गए।

इस दौरान वेद ऋचाओं, महिलाओं के मांगल गीतों और स्थानीय वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों से संपूर्ण धाम भक्तिमय हो उठा। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली ने मुख्य मंदिर सहित सहायक मंदिरों की परिक्रमा की और शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के लिए रवाना हुई।

मखमली बुग्यालों के बीच नृत्य करती हुई उत्सव डोली प्रथम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंची। यहां देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं, स्थानीय व्यापारियों, जीप-टैक्सी यूनियन और घोड़े-खच्चर संचालकों ने पुष्पवर्षा कर डोली का भव्य स्वागत किया।

8 नवंबर को मक्कूमठ पहुंचेगी डोली, 9 से शीतकालीन पूजा

शनिवार को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न यात्रा पड़ावों से होते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करेगी और अंतिम रात्रि प्रवास के लिए भनकुण्ड पहुंचेगी। इसके बाद 8 नवंबर को डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में विराजमान होगी। 9 नवंबर से यहां भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा विधिवत प्रारंभ होगी।

श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या से मंदिर समिति की आय में भी वृद्धि

मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रागंड ने बताया कि इस वर्ष तुंगनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। क्षमता से अधिक तीर्थयात्रियों के पहुंचने से यात्रा में रिकॉर्ड बना है और मंदिर समिति की आय में भी वृद्धि हुई है।

मंदिर समिति के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि मंदिर समिति के पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल के प्रयासों से जोलीग्रांट, देहरादून के श्रद्धालुओं की ओर से कपाट बंद होने के अवसर पर तुंगनाथ मंदिर को दस कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था।

इस अवसर पर पूर्व मठापति राम प्रसाद मैठाणी, अतुल मैठाणी, अभिषेक मैठाणी, गीता राम मैठाणी, भरत मैठाणी, वेदपाठी विश्व मोहन जमलोकी, ग्राम प्रधान सुनीता मैठाणी, विनोद नेगी, चंद्र मोहन बजवाज, आनंद सिंह रावत, उमेद सिंह नेगी, नरेंद्र भंडारी, जीतपाल भंडारी, अनिल जिरवाण, धीर सिंह नेगी, शिव सिंह रावत, दीपक बमोला, शंकर सिंह नेगी, सतीश पंवार, राहुल नेगी सहित मंदिर समिति के अधिकारी-कर्मचारी, हक-हकूकधारी और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *