ऋषिकेश। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के कॉर्पोरेट कार्यालय ऋषिकेश स्थित रसमंजरी ऑडिटोरियम में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘विमर्श 2026-टीएचडीसी मानव संसाधन कनक्लेव’ का आयोजन किया जा रहा है। 30 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘कार्यबल 2026: भारत के नए श्रम कोड के लिए संगठनात्मक तत्परता को बढ़ावा देना’ है। सम्मेलन का उद्घाटन टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सिपन कुमार गर्ग ने किया। इस अवसर पर उन्होंने श्रम कानूनों में हो रहे बदलावों को समझने और नियामक सुधारों को प्रभावी कार्यस्थल प्रथाओं में बदलने के लिए संगठनात्मक तैयारियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यबल किसी भी संगठन की सबसे बड़ी संपत्ति : सिपन कुमार गर्ग
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक सिपन कुमार गर्ग ने कहा कि कार्यबल किसी भी संगठन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है। कर्मचारियों की प्रतिभा को निखारने, उनके जुड़ाव को बढ़ाने और संगठनात्मक उत्कृष्टता हासिल करने में मानव संसाधन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने मानव संसाधन पेशेवरों से सक्रिय और प्रगतिशील दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। साथ ही उत्पादक, समावेशी और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप कार्यस्थल तैयार करने तथा कर्मचारियों को बदलते परिवेश के लिए सक्षम बनाने पर बल दिया।
डॉ. ओंकार शर्मा ने समझाई श्रम सुधारों की विधायी यात्रा
उद्घाटन सत्र का मुख्य व्याख्यान पूर्व मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) डॉ. ओंकार शर्मा ने दिया। उन्होंने ‘फ्रॉम रिफॉर्म विजन टू फोर लेबर कोड्स: द लेजिस्लेटिव जर्नी’ विषय पर अपने विचार रखते हुए भारत के श्रम कानून ढांचे के विकास, विधायी सुधारों के उद्देश्यों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के प्रमुख सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।
इसके बाद परम पूज्य स्वामी योग स्वरूपानंद जी ने विशेष संबोधन दिया। उन्होंने कर्मयोग के सिद्धांतों की व्याख्या करते हुए नैतिक आचरण, निस्वार्थ सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के महत्व को रेखांकित किया।
‘लेबर कोड रेडीनेस कंपेंडियम’ का विमोचन
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का प्रमुख आकर्षण ‘लेबर कोड रेडीनेस कंपेंडियम’ का विमोचन रहा। इस संदर्भ सामग्री का उद्देश्य प्रतिनिधियों को भारत के नए श्रम कोड को समझने और उनके प्रभावी कार्यान्वयन में सहायता प्रदान करना है।
इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के पूर्व उप महानिदेशक विनय त्रिवेदी, एस.एस. राणा एंड कंपनी के एसोसिएट पार्टनर रुपिन चोपड़ा तथा एसएचआरएम के वरिष्ठ निदेशक, सलाहकार एवं बिजनेस हेड (पीएसई) आशीष कौल सहित श्रम प्रशासन, मानव संसाधन और उद्योग जगत के कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।

चार श्रम संहिताओं पर होगा व्यापक विचार-विमर्श
एसएचआरएम इंडिया (SHRM India) के सहयोग से आयोजित ‘विमर्श 2026’ में भारत की चार प्रमुख श्रम संहिताओं पर विशेष चर्चा की जा रही है। इनमें वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता शामिल हैं।
सम्मेलन का उद्देश्य नए श्रम कानूनों के प्रावधानों और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन के बीच की दूरी को कम करना है। इसके साथ ही बेहतर कानूनी अनुपालन, कार्यबल की क्षमता और संगठनात्मक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
डॉ. ए.एन. त्रिपाठी ने किया अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत टीएचडीसीआईएल के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन-प्रशासन एवं कॉर्पोरेट संचार) डॉ. ए.एन. त्रिपाठी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए भारत के नए श्रम कोड पर व्यापक चर्चा और संगठनों की तैयारी सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया।
दो दिवसीय ‘विमर्श 2026’ को मानव संसाधन क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और श्रम प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के बीच ज्ञान साझा करने तथा भविष्य की कार्यस्थल नीतियों पर सार्थक संवाद के महत्वपूर्ण मंच के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
