देहरादून। उत्तराखंड की आशा कार्यकर्ताओं के लिए राहत भरी खबर जल्द सामने आ सकती है। प्रदेश में आशा बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी और लंबित भुगतान समेत विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के साथ आशा स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने की बात कही गई है।

हालांकि, अभी तक आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में प्रदेशभर की हजारों आशा कार्यकर्ताओं की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।
आशा कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतान का मुद्दा उठा
आशा स्वास्थ्य संगठन की प्रदेश महामंत्री ललितेश विश्वकर्मा के अनुसार, बैठक में प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं पर चर्चा हुई। इनमें एम्स से संबंधित भुगतान लंबित होने, हरिद्वार जिले में भुगतान की समस्या और अन्य जिलों में आशा कार्यकर्ताओं को आ रही परेशानियों के मुद्दे शामिल रहे।
संगठन ने मांग की कि आशा कार्यकर्ताओं को उनके कार्य के अनुरूप भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। संगठन ने विभिन्न जिलों में लंबित भुगतान की समस्याओं के समाधान पर भी जोर दिया।
आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग
बैठक में उत्तराखंड की आशा कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय में वृद्धि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन की ओर से कहा गया कि आशा बहनें स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करती हैं। ऐसे में उनके कार्य और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मानदेय में बढ़ोतरी की जरूरत है।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने इन मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाया और जल्द अच्छी खबर मिलने का आश्वासन दिया। इसके बाद संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही आशा कार्यकर्ताओं की मांगों पर ठोस निर्णय ले सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री से बैठक को संगठन ने बताया महत्वपूर्ण
प्रदेश महामंत्री ललितेश विश्वकर्मा ने बताया कि आशा स्वास्थ्य संगठन लगातार कार्यकर्ताओं की समस्याओं को शासन और सरकार के समक्ष उठाता रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई इस बैठक में भुगतान, मानदेय वृद्धि और जिलों में आ रही दिक्कतों पर चर्चा हुई।
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष विजयलक्ष्मी भंडारी, जिला मंत्री सुनीता तिवारी, ब्लॉक अध्यक्ष कमलेश थलवाल और संगठन के प्रभारी पवन समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
संगठन को उम्मीद है कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई होगी और प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं को राहत मिल सकेगी।
उत्तराखंड की हजारों आशा कार्यकर्ताओं को फैसले का इंतजार
उत्तराखंड में आशा कार्यकर्ता लंबे समय से मानदेय में बढ़ोतरी और समय पर भुगतान जैसी मांगों को लेकर अपनी समस्याएं उठाती रही हैं। अब स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई बैठक के बाद इन मांगों के समाधान की उम्मीद बढ़ी है।
यदि सरकार की ओर से मानदेय वृद्धि और लंबित भुगतान को लेकर ठोस फैसला लिया जाता है, तो इससे प्रदेशभर की आशा कार्यकर्ताओं को राहत मिल सकती है। फिलहाल, सभी की नजरें सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।
