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केदारनाथ, मदमहेश्वर और तुंगनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथियां घोषित, जानें पूरा कार्यक्रम

विजयदशमी पर हुआ ऐलान, नवंबर में शीतकाल के लिए बंद होंगे तीनों धामों के कपाट; ऊखीमठ और मक्कूमठ में होंगे शीतकालीन दर्शन

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ, द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने की तिथियां विजयदशमी पर्व पर घोषित कर दी गई हैं। हिमालय की ऊंची चोटियों पर स्थित इन धामों में शीतकाल के आगमन के साथ नियमित दर्शन बंद हो जाएंगे। इसके बाद भगवान की चल विग्रह उत्सव डोलियां अपने-अपने शीतकालीन गद्दीस्थलों के लिए प्रस्थान करेंगी, जहां श्रद्धालु शीतकाल के दौरान भी दर्शन कर सकेंगे।

6 नवंबर को बंद होंगे भगवान तुंगनाथ के कपाट

हिमालय में सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट आगामी 6 नवंबर को विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। विजयदशमी के अवसर पर पंचांग गणना के अनुसार शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में कपाट बंद होने की तिथि घोषित की गई।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 8 नवंबर को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली मक्कूमठ पहुंचेगी। इसके बाद शीतकाल में श्रद्धालु मक्कूमठ स्थित गद्दीस्थल में भगवान के दर्शन कर सकेंगे। इसकी जानकारी बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने दी।

16 नवंबर को बंद होंगे मदमहेश्वर धाम के कपाट

द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाट 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसके बाद भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली निर्धारित पड़ावों से होते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी।

डोली यात्रा का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:

  • 16 नवंबर: मदमहेश्वर धाम के कपाट बंद होने के बाद गौंडार में रात्रि विश्राम।
  • 17 नवंबर: गौंडार से रांसी के लिए प्रस्थान।
  • 18 नवंबर: रांसी से गिरिया के लिए प्रस्थान।
  • 19 नवंबर: गिरिया से ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ आगमन।

ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान मदमहेश्वर की शीतकालीन पूजा संपन्न होगी। इसकी जानकारी वेदपाठी विश्व मोहन जमलोकी ने दी।

11 नवंबर को सुबह 8:30 बजे बंद होंगे केदारनाथ धाम के कपाट

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली परंपरागत यात्रा मार्ग से फाटा और गुप्तकाशी होते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी।

इसके बाद शीतकाल में श्रद्धालु ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की जानकारी डोली प्रभारी डीएस भुजवाण ने दी।

शीतकालीन पूजा की तैयारियां तेज

तीनों प्रमुख धामों के कपाट बंद होने की तिथियां घोषित होने के साथ ही शीतकालीन पूजा और डोली यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। परंपरा के अनुसार, कपाट बंद होने के बाद भगवान की पूजा-अर्चना उनके निर्धारित शीतकालीन गद्दीस्थलों पर की जाएगी।

केदारनाथ और मदमहेश्वर के शीतकालीन दर्शन ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में होंगे, जबकि भगवान तुंगनाथ के दर्शन मक्कूमठ में किए जा सकेंगे। इससे शीतकाल के दौरान भी श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

चारधाम यात्रा के समापन की ओर बढ़ते क्रम में कपाट बंद होने की इन तिथियों का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। अब श्रद्धालु निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भगवान की उत्सव डोलियों की यात्रा और शीतकालीन पूजा में शामिल हो सकेंगे।

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