नई टिहरी। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने आयुष आरोग्य मंदिर ढालवाला का निरीक्षण कर स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति और रखरखाव की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उपकेंद्र परिसर के आसपास झाड़ियां उगी होने और साफ-सफाई व रखरखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने और स्वास्थ्य केंद्र का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अनुपस्थित एएनएम पर कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अनुपस्थित चल रही एएनएम के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, उपकेंद्र में व्यवस्थाओं का उचित रखरखाव नहीं होने पर संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने को कहा।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र परिसर में नियमित साफ-सफाई कराने, झाड़ियों को हटाने और उपलब्ध संसाधनों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता और बेहतर व्यवस्थाएं बनाए रखना जरूरी है, ताकि आमजन को सुचारु रूप से स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
उपस्थिति पंजिका से लेकर टीकाकरण अभिलेखों की जांच
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका सहित अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया और कर्मचारियों की उपस्थिति व कार्य व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने टीकाकरण अभिलेखों, उपलब्ध उपकरणों की स्थिति, कोल्ड चेन तापमान पंजिका, साफ-सफाई और जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निस्तारण से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जांच की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध डीप फ्रीजर की कुल संख्या और उनमें से संचालित व खराब उपकरणों की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। हालांकि, इस संबंध में स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं हो पाया। इस पर उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध उपकरणों और अन्य संसाधनों का सही ब्योरा रखने तथा सभी अभिलेखों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सुविधाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्र में साफ-सफाई, अभिलेखों के उचित रखरखाव और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधनों की स्थिति का सही रिकॉर्ड रखने और स्वास्थ्य सुविधाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। नियमित निगरानी और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
