रुड़की। रुड़की क्षेत्र के ग्राम टोड़ा कल्याणपुर में आयोजित ऐतिहासिक श्रीरामलीला के सातवें दिन सोमवार की रात्रि भरत मिलाप का भव्य मंचन किया गया। भगवान श्रीराम और उनके छोटे भाई भरत के बीच प्रेम, त्याग, समर्पण और आदर्श भाईचारे के भावपूर्ण प्रसंग को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। रामलीला मैदान में मौजूद दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
भरत मिलाप रामायण के सबसे भावुक और प्रेरणादायक प्रसंगों में से एक है। मंचन के माध्यम से कलाकारों ने परिवार में प्रेम, सम्मान, त्याग और आपसी विश्वास के महत्व को दर्शाया। भगवान श्रीराम और भरत के चरित्रों के जरिए श्रद्धालुओं को मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और पारिवारिक एकता का संदेश दिया गया।

वर्षों पुरानी परंपरा को संजोए हुए है टोड़ा कल्याणपुर की रामलीला
टोड़ा कल्याणपुर की ऐतिहासिक रामलीला आसपास के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखती है। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, गांव में कई वर्षों से लगातार रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। गांव के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को ग्रामीण आज भी पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
समय के साथ रामलीला गांव की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गई है। आयोजन में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रहती है। बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ रामलीला मैदान पहुंचकर धार्मिक प्रसंगों का आनंद लेते हैं।
नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
श्रीरामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, माता सीता के त्याग और भारतीय संस्कृति की परंपराओं से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। रामलीला में पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों का विशेष प्रयोग किया जाता है, जिससे दर्शकों को प्राचीन लोक संस्कृति और पारंपरिक मंचन की झलक देखने को मिलती है।
श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र सैनी ने बताया कि गांव में प्रत्येक वर्ष रामलीला का आयोजन पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ किया जाता है। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखने का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है।

कल होगा सूर्पनखा की नाक कटने के प्रसंग का मंचन
श्रीरामलीला समिति की ओर से जानकारी दी गई कि रामलीला के अगले दिन सूर्पनखा की नाक कटने के प्रसंग का भव्य मंचन किया जाएगा। इस प्रसंग को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है। समिति को उम्मीद है कि अगले दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण रामलीला मैदान पहुंचकर मंचन का आनंद लेंगे।
समिति के पदाधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद
रामलीला के सातवें दिन आयोजित भरत मिलाप के मंचन के दौरान श्रीरामलीला समिति के उपाध्यक्ष अजय गिरी, जोगिंदर सैनी, संजय सैनी, गौरव सैनी, चेतराम सैनी, बिजेंद्र सैनी, नरेश सहित समिति के अन्य पदाधिकारी, सदस्य और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
