काशीपुर। IIM काशीपुर में ‘हिंदी माह 2026’ के तहत हिंदी दिवस पर पहली बार अंतरविद्यालयी आशुभाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। क्षेत्र के 16 विद्यालयों के कक्षा 10 से 12 तक के 27 विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया।
खास बात यह रही कि IIM जैसे राष्ट्रीय संस्थान ने पहली बार स्कूली बच्चों के लिए हिंदी में मंच दिया। इससे पहाड़ी क्षेत्रों के बच्चों को बड़े संस्थान में बोलने का आत्मविश्वास मिला।
प्रतियोगिता दो वर्गों में हुई।
छात्रों को पर्ची से विषय मिला और तैयारी के लिए सिर्फ 5 मिनट दिए गए। 5 मिनट में ही उन्हें अपना वक्तव्य पूरा करना था। मूल्यांकन विषय की समझ, भाषा की शुद्धता और आत्मविश्वास के आधार पर किया गया।कक्षा 10 के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन और ‘मेरा भारत, मेरा गौरव’ जैसे विषयों पर बोला।

वहीं सीनियर वर्ग में AI, जलवायु परिवर्तन और डिजिटल युग में हिंदी की प्रासंगिकता जैसे कठिन विषयों पर छात्रों ने बेबाक राय रखी।
निर्णायकों ने देखा कि आज का युवा हिंदी में भी AI और तकनीक जैसे विषयों पर उतनी ही सहजता से बोल रहा है, जितना अंग्रेजी में। यह हिंदी के भविष्य के लिए अच्छा संकेत है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि 14 सितंबर को ही हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला था। सीए मृणाल सजवाण ने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेना ही बड़ी बात है, इसका उद्देश्य खुद को बेहतर बनाना है।
निर्णायक मंडल में मृणाल सजवाण, भरत भूषण जोशी और अतुल श्रीवास्तव रहे। परिणाम 30 सितंबर को हिंदी माह के समापन पर घोषित होंगे।
