देहरादून में बिना पंजीकरण संचालित मदरसा सील, दो अन्य के संचालकों से लिया शपथ-पत्र

 

 

देहरादून।   जिला प्रशासन की टीम ने शनिवार को जनपद में संचालित मदरसों के निरीक्षण अभियान के तहत आजाद कॉलोनी और मेहूंवाला माफी क्षेत्र में तीन मदरसों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आजाद कॉलोनी स्थित एक मदरसा बिना पंजीकरण संचालित पाया गया, जिसे प्रशासन ने तत्काल सील कर दिया। वहीं दो अन्य मदरसों के संचालकों से बिना वैध पंजीकरण संचालन न करने का लिखित शपथ-पत्र लिया गया।

 

जिला प्रशासन की टीम में उप जिलाधिकारी सदर, खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शामिल रहे।

 

125 बच्चे मिले, पंजीकरण प्रमाण-पत्र नहीं दिखा सका मदरसा

 

टीम ने आजाद कॉलोनी, आईएसबीटी के समीप स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मदरसा बिना पंजीकरण संचालित पाया गया। यहां करीब 125 बच्चे अध्ययनरत मिले।

 

मदरसे के संचालक मुफ्ती रईस मौके पर मौजूद नहीं थे। उनके भाई मौके पर उपस्थित थे, लेकिन वह मदरसे से संबंधित कोई पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रशासन की टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद टीम ने मदरसे को तत्काल सील कर दिया।

 

दार-ए-अरकम में नहीं हो रहा था शिक्षण कार्य

 

इसी क्षेत्र में स्थित मदरसा दार-ए-अरकम का भी प्रशासन की टीम ने निरीक्षण किया। इसका संचालन अब्दुल सत्तार द्वारा किया जाता है। निरीक्षण के दौरान मदरसे का पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

 

हालांकि, मौके पर कोई बच्चा अध्ययनरत नहीं मिला और मदरसा संचालित भी नहीं हो रहा था। प्रशासन ने संचालक से लिखित शपथ-पत्र/अंडरटेकिंग लिया कि विधिवत पंजीकरण के बिना मदरसे का संचालन नहीं किया जाएगा।

 

मेहूंवाला माफी के मदरसे का भी निरीक्षण

 

टीम ने मेहूंवाला माफी स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया का भी निरीक्षण किया। इसका संचालन गुलशेर द्वारा किया जाता है। निरीक्षण के समय मदरसा संचालित नहीं पाया गया और वहां कोई बच्चा भी मौजूद नहीं था।

 

प्रशासन ने संचालक से भी लिखित शपथ-पत्र लिया कि उचित पंजीकरण के बिना मदरसे का संचालन नहीं किया जाएगा।

 

नियमों का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई

 

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में संचालित सभी शिक्षण संस्थानों में निर्धारित मानकों और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। बिना आवश्यक पंजीकरण संचालित पाए जाने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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