देहरादून। प्रदेश के पंचायतीराज विभाग मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के विकास के क्षेत्र में उत्तराखंड को देश के आदर्श राज्यों में स्थापित करने के लिए सुनियोजित और समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए।
बैठक में मंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को पेयजल, दूरसंचार, सड़क, विद्युत, नाली सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से पूर्ण रूप से आच्छादित करने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। इस कार्ययोजना को शीघ्र ही कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
मदन कौशिक ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी अथवा मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक मॉनिटरिंग समिति गठित की जाए। यह समिति ग्राम पंचायतों में विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करेगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि जिस कार्य को किसी विभाग द्वारा पहले ही पूरा किया जा चुका है, उसी कार्य के लिए किसी अन्य विभाग द्वारा दोबारा योजना न बनाई जाए। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी धन का बेहतर उपयोग होगा और पंचायतों में विकास कार्यों का संतुलित विस्तार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को भारत सरकार की केंद्र पोषित योजना राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत अधिक से अधिक वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस धनराशि का उपयोग ग्राम पंचायतों को आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित करने में किया जाएगा।
इसके अलावा मंत्री ने बताया कि प्रदेश की 382 ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जहां पंचायत भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन पंचायत भवनों के निर्माण हेतु राज्य सेक्टर के अनुपूरक बजट में आवश्यक धनराशि की मांग का प्रस्ताव तैयार किया जाए, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके।
बैठक में पंचायतीराज विभाग के सचिव पराग मधुकर धकाते, निदेशक निधि यादव, संयुक्त निदेशक हिमाली जोशी पेटवाल सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
